
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में PM Kisan Samman Nidhi योजना की 20वीं किस्त जारी कर दी है।
बिहार राज्य में इस योजना के अंतर्गत 74 लाख किसानों को 2000-2000 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई।
लेकिन गया जिले में लगभग 32,000 किसानों को इस बार PM Kisan Samman Nidhi का लाभ नहीं मिल सका।
इससे प्रभावित किसानों में काफी नाराजगी है और वे सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं।
कई ऐसे कारण सामने आए हैं जिनके कारण किसान PM Kisan Samman Nidhi से वंचित रह गए हैं।
गयाजी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पीएम किसान सम्मान योजना की 20वीं किस्त जारी की। बिहार के 74 लाख किसानों के खातों में 2000-2000 रुपये ट्रांसफर किए गए। गयाजी जिले के 2 लाख 81 हजार 531 किसानों को 57.99 करोड़ रुपये की राशि भेजी गई।
जिले में कुल 3 लाख 13 हजार 657 किसानों का पंजीकरण है, लेकिन कुछ किसानों की भूमि सीडिंग और आधार अपडेट नहीं था। वहीं, कुछ परिवारों में एक से अधिक लाभार्थी पाए गए। इन्हीं कारणों से केवल 2 लाख 81 हजार 531 किसानों को ही किस्त की राशि भेजी गई।
गया जिले के आंकड़े और समस्या:

जानें योजना का विवरण
गया जिले में कुल 3 लाख 13 हजार 657 किसानों का PM Kisan Samman Nidhi में पंजीकरण किया गया था।
इसमें से केवल 2 लाख 81 हजार 531 किसानों के खाते में ही राशि भेजी जा सकी है।
इसका मतलब है कि करीब 32,000 किसानों को PM Kisan Samman Nidhi की 20वीं किस्त नहीं मिल पाई है।
इन किसानों के खातों में या तो तकनीकी गड़बड़ी है या दस्तावेज अधूरे हैं, जो बड़ी समस्या है।
कई किसानों का आधार कार्ड या लैंड रिकॉर्ड अभी भी योजना से लिंक नहीं किया गया है।

इसके अलावा, कुछ मामलों में एक ही परिवार से एक से अधिक लाभार्थी पाए गए हैं।
इस कारण से भी हजारों किसानों को PM Kisan Samman Nidhi योजना से बाहर रखा गया।
सभी जिलों में प्रशासन को लाभार्थियों की सूची की जाँच करने का निर्देश पहले ही दिया गया था।
इसके बावजूद 32,000 किसान इस बार योजना से लाभ नहीं ले पाए हैं, जो चिंता का विषय है।
सरकार की ओर से कहा गया कि दस्तावेज़ अपडेट के बाद अगली किस्त में लाभ मिल सकता है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में चार-चार महीने के अंतराल पर मिलती है। किसान इस धनराशि का उपयोग खाद, बीज और अन्य कृषि से जुड़े कार्यों में करते हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना और उनकी आय में बढ़ोतरी करना है। योजना का लाभ मिलने से किसानों को खेती से जुड़े खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है। हालांकि, कुछ किसान ऐसे भी हैं जो किस्त न मिलने से निराश हैं।
पिछली किस्त में कितना मिला था लाभ

19वीं किस्त के दौरान गया जिले में 2 लाख 98 हजार 980 किसानों को लाभ मिला था।
इस बार यह संख्या घटकर 2 लाख 81 हजार 531 रह गई है, यानी 17 हजार किसान पहले से ही बाहर हो गए।
इससे यह साफ है कि योजना में सुधार की जगह समस्याएं और बढ़ गई हैं।
कुछ किसानों की ई-केवाईसी नहीं हुई थी, जिसके चलते उन्हें PM Kisan Samman Nidhi नहीं मिल सकी।
लैंड सीडिंग की प्रक्रिया अधूरी होने से भी बड़ी संख्या में किसान प्रभावित हुए हैं।
योजना की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि एक परिवार से कई लाभार्थियों को हटाया गया है।
सरकार का कहना है कि केवल पात्र किसानों को ही PM Kisan Samman Nidhi योजना का लाभ मिलेगा।
लेकिन कई किसान कह रहे हैं कि उनका रिकॉर्ड सही होने के बावजूद पैसा ट्रांसफर नहीं हुआ।
इससे किसानों में असंतोष फैल रहा है और वो इसकी जांच की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन का जवाब है कि वे अगली किस्त में समस्याओं को दूर करने की कोशिश करेंगे।
ये भी पढ़े: PM Kisan Samman Nidhi 20वीं किस्त: इंतजार खत्म
PM Kisan Samman Nidhi योजना का उद्देश्य
PM Kisan Samman Nidhi योजना का उद्देश्य किसानों को वित्तीय सहायता देना और उनकी आमदनी बढ़ाना है।
हर साल पात्र किसानों को 6,000 रुपये की सहायता तीन किश्तों में दी जाती है।
किश्तों की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में PM Kisan Samman Nidhi के तहत ट्रांसफर की जाती है।
इस योजना से किसान खाद, बीज, सिंचाई और अन्य कृषि आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होते हैं।
कई राज्यों में इस योजना से किसानों को काफी राहत मिली है और उत्पादन में भी बढ़ोतरी देखी गई है।
PM Kisan Samman Nidhi की वजह से छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक स्थिति थोड़ी बेहतर हुई है।
इस योजना का लाभ पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दिया जाता है ताकि भ्रष्टाचार की संभावना ना रहे।
लेकिन जब किसानों को समय पर भुगतान नहीं मिलता तो उनका विश्वास योजना से हटने लगता है।
गया जिले के किसान अब सरकार से जल्द समाधान और फंड ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं।
अधिकारी कह रहे हैं कि समस्याएं तकनीकी हैं और उन्हें जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।
सरकारी और प्रशासनिक प्रतिक्रिया
बिहार सरकार ने कहा है कि जिन किसानों को PM Kisan Samman Nidhi नहीं मिला है, वे अपने रिकॉर्ड अपडेट कराएं।
किसानों को CSC सेंटर या कृषि कार्यालय में जाकर ई-केवाईसी और लैंड रिकॉर्ड अपडेट करना होगा।
प्रशासन का कहना है कि समस्या स्थायी नहीं है, अगली किस्त में सभी पात्र किसानों को शामिल किया जाएगा।कुछ जिलों में विशेष अभियान चलाकर किसानों की आधार लिंकिंग और अन्य दस्तावेज़ अपडेट कराए जा रहे हैं।
हालांकि, किसानों का कहना है कि उन्हें सरकारी दफ्तरों से बार-बार भटकना पड़ता है, जिससे समय बर्बाद होता है।
योजना की प्रक्रिया को और आसान बनाने की ज़रूरत है ताकि सभी किसान इसका लाभ उठा सकें।
PM Kisan Samman Nidhi से जुड़ी समस्याओं को डिजिटल पोर्टल पर भी दर्ज किया जा सकता है।
लेकिन गाँवों में इंटरनेट की कमी और तकनीकी जानकारी की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इसलिए जरूरत है कि सरकार जमीनी स्तर पर जाकर किसानों की मदद करे और जागरूकता फैलाए।
तभी PM Kisan Samman Nidhi का असली उद्देश्य सफल हो पाएगा और किसानों को राहत मिलेगी।
निष्कर्ष
गया जिले के 32,000 किसानों को PM Kisan Samman Nidhi का पैसा न मिलना एक गंभीर मामला बन गया है।
यह समस्या दस्तावेज़ की कमी, आधार लिंकिंग, लैंड सीडिंग और परिवार में एक से अधिक लाभार्थियों के कारण है।
अगर सरकार सही समय पर आवश्यक कदम नहीं उठाती है तो किसानों का भरोसा योजना से उठ सकता है।
PM Kisan Samman Nidhi योजना की सफलता तभी संभव है जब प्रत्येक पात्र किसान को उसका लाभ मिल सके।
अब देखना होगा कि अगली किस्त में गया जिले के सभी किसानों को योजना का लाभ मिल पाता है या नहीं।
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