दर्दनाक सड़क हादसा नागपुर में
नागपुर: पत्नी का शव बाइक पर : पूरी खबर पढ़े
रक्षाबंधन के दिन नागपुर जिले के लोनारा से मध्यप्रदेश जा रहे दंपति की सड़क हादसे में जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई।
यह हादसा नागपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर देवलापार के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक पर बैठी 35 वर्षीय ग्यार्शी की मौके पर ही मौत हो गई और पति घायल हो गया।
अमित यादव, जो 36 साल के हैं, बाइक चला रहे थे और इस हादसे में उन्हें भी चोटें आईं।
मदद की गुहार, लेकिन कोई नहीं रुका
हादसे के बाद भारी बारिश हो रही थी और अमित ने आंखों में आंसू लिए लोगों से मदद की अपील की।
वह बार-बार हाईवे पर गुजर रहे वाहनों के सामने हाथ जोड़कर मदद मांगते रहे, लेकिन किसी ने अपनी गाड़ी नहीं रोकी।
घंटों तक इस दर्दनाक दृश्य के बावजूद, इंसानियत कहीं नजर नहीं आई और हर कोई बस गुजरता चला गया।
मजबूरी में बाइक पर शव बांधकर निकला
मजबूर होकर अमित ने अपनी पत्नी का शव बाइक पर पीछे रस्सी से बांधा और घर की ओर निकल पड़े।
यह नजारा बेहद हृदयविदारक था, जिसे देखकर कई राहगीरों ने अपने फोन से वीडियो बना लिया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
हादसे का पूरा विवरण
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 9 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन अमित और उनकी पत्नी अपने गांव जा रहे थे।
देवलापार के पास अचानक एक ट्रक ने पीछे से आकर उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी और मौके से भाग निकला।
हादसे में ग्यार्शी सड़क पर गिरी और वहीं उसकी मौत हो गई, जबकि अमित अलग दिशा में गिरकर घायल हो गए।
पीड़ित का बयान
अमित यादव ने इंडिया टुडे को बताया कि उन्हें कुछ समझ नहीं आया, बस बीवी को उठाया और घर ले जाने का सोचा।
उन्होंने कहा, “शादी को 15 साल हो चुके हैं, हमारी एक बेटी भी है, लेकिन इस हादसे ने सब बदल दिया।”
अमित ने यह भी बताया कि हाईवे पुलिस ने उन्हें रोककर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की कार्रवाई
हाईवे पुलिस ने शव को नागपुर के मेयो अस्पताल भेजा, जहां पोस्टमार्टम किया गया और रिपोर्ट के लिए इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस अब फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश कर रही है, जिसने हादसे के बाद घटनास्थल से भागने की कोशिश की।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को ट्रक के रंग और आंशिक नंबर प्लेट की जानकारी दी है, जिससे जांच में मदद मिल रही है।
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समाज पर सवाल
यह घटना इंसानियत पर बड़े सवाल खड़े करती है कि बारिश और दर्द के बीच भी कोई मदद को आगे क्यों नहीं आया।
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गुस्सा जाहिर किया और पीड़ित के साहस की सराहना की।
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इस पूरी घटना से समाज और मानवता की स्थिति पर गहरा सवाल खड़ा होता है। नागपुर-जबलपुर हाईवे पर हुए इस दर्दनाक हादसे में 35 वर्षीय महिला ग्यार्शी की मौके पर ही मौत हो गई और उसका पति अमित यादव घायल हो गया। सबसे हृदयविदारक पहलू यह था कि हादसे के बाद भारी बारिश में अमित मदद के लिए राहगीरों से गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने भी रुककर सहायता नहीं की। मजबूरी में उसने अपनी पत्नी के शव को बाइक पर बांधा और घर की ओर निकल पड़ा। इस दृश्य ने इंसानियत की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों में गुस्सा और पीड़ा देखी गई। सभी ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों कोई इंसान एक बेसहारा व्यक्ति की मदद करने को तैयार नहीं हुआ। यह घटना सिर्फ एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के पतन का उदाहरण है। इसके साथ ही, पुलिस की जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा की आवश्यकता पर भी गंभीर चर्चा होनी चाहिए। ट्रक ड्राइवर की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों। यह घटना हमें सिखाती है कि मुश्किल वक्त में मदद का हाथ बढ़ाना ही असली इंसानियत है, जिसे हमें कभी नहीं भूलना चाहिए।





