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टैरिफ-टैरिफ कर रहे ट्रंप को कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने 1971 की याद दिला दी

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Donald Trump Tariff Remarks को लेकर भारत में एक बार फिर सियासत गरमा गई है और बयानबाजी तेज़ होती दिख रही है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने Donald Trump Tariff Remarks पर तीखा प्रहार करते हुए इतिहास की एक पुरानी घटना को छेड़ दिया।

Donald Trump Tariff Remarks पर कांग्रेस नेता मनीष तिवारी
Donald Trump Tariff Remarks

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ट्रंप भूल गए हैं कि भारत 1971 में क्या कर सकता था और अब भी कर सकता है।
Donald Trump Tariff Remarks के जवाब में मनीष तिवारी ने पाकिस्तान और अमेरिका की पुरानी सांठगांठ की ओर इशारा कर दिया।
उनके अनुसार, ट्रंप जिस तरह से भारत को धमका रहे हैं, वह अमेरिका की नीतियों का दोहरा चेहरा दिखाता है।
Donald Trump Tariff Remarks में ट्रंप ने भारत को “टैरिफ किंग” बताया और व्यापारिक शर्तों को लेकर नाराजगी जताई थी।
भारत के नेताओं और जनता ने Donald Trump Tariff Remarks को पूरी तरह अस्वीकार किया और इसे अपमानजनक बताया गया।

मनीष तिवारी ने कहा कि ट्रंप को 1971 का इतिहास जरूर पढ़ना चाहिए:

मनीष तिवारी ने कहा कि ट्रंप को 1971 का इतिहास जरूर पढ़ना चाहिए ताकि उन्हें भारत की ताकत का अहसास हो।
उन्होंने कहा कि Donald Trump Tariff Remarks केवल व्यापार नहीं, बल्कि भारत की संप्रभुता पर एक राजनीतिक हमला है।
ट्विटर पर मनीष तिवारी के बयान को हजारों बार रीट्वीट किया गया और लोगों ने उन्हें समर्थन देना शुरू कर दिया।
Donald Trump Tariff Remarks के तुरंत बाद ही भारतीय मीडिया में भी इस पर बहस शुरू हो गई थी।
टेलीविज़न चैनलों पर Donald Trump Tariff Remarks को लेकर कई पैनल चर्चाएं हुईं जिसमें विशेषज्ञों ने तीखी आलोचना की।
कुछ जानकारों ने कहा कि ट्रंप की Donald Trump Tariff Remarks दरअसल चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जिससे वे घरेलू वोट जुटा सकें।

Donald Trump Tariff Remarks
Donald Trump Tariff Remarks

मनीष तिवारी ने याद दिलाया कि 1971 में जब अमेरिका ने पाकिस्तान का समर्थन किया था, तब भारत ने करारा जवाब दिया था।
Donald Trump Tariff Remarks के बहाने कांग्रेस नेता ने अमेरिका की पुरानी पाकिस्तान नीति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि ट्रंप की Donald Trump Tariff Remarks भारतीय लोकतंत्र और उसकी नीतियों की अवहेलना करने जैसा है।
सिर्फ व्यापार ही नहीं, Donald Trump Tariff Remarks में छिपा राजनीतिक एजेंडा भी भारतीय नेताओं की चिंता का कारण बना हुआ है।

Donald Trump Tariff Remarks

कांग्रेस पार्टी ने भी मनीष तिवारी के बयान का समर्थन करते हुए Donald Trump Tariff Remarks को शर्मनाक बताया है।
पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि भारत एक स्वतंत्र राष्ट्र है, और Donald Trump Tariff Remarks को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी विपक्ष ने दबाव बनाना शुरू किया कि वे सार्वजनिक रूप से Donald Trump Tariff Remarks का विरोध करें।

सरकारी स्तर पर हालांकि अब तक Donald Trump Tariff Remarks को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
कुछ सूत्रों का कहना है कि भारत सरकार ट्रंप के बयान पर गंभीरता से विचार कर रही है और कूटनीतिक चैनल से जवाब देगी।
Donald Trump Tariff Remarks से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में खटास आ सकती है, विशेषज्ञों ने इस पर चिंता जताई है।
भारत के टैरिफ नियमों को लेकर पहले भी अमेरिका ने सवाल उठाए हैं लेकिन Donald Trump Tariff Remarks पहली बार इतने तीखे रहे।

मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि ट्रंप को वैश्विक व्यापार नियमों की समझ नहीं है, जो उनके Donald Trump Tariff Remarks से झलकता है।
सोशल मीडिया पर भी Donald Trump Tariff Remarks को लेकर खूब मीम्स और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
लोग ट्रंप को “1971 भूल गए क्या?” जैसे कैप्शन के साथ ट्रोल कर रहे हैं और तिवारी की तारीफ कर रहे हैं।
Donald Trump Tariff Remarks को लेकर यूएस मीडिया ने भी कवरेज की और वहां भी इसे एक विवादास्पद बयान माना गया है।

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ट्रंप के आलोचकों ने अमेरिका में भी उनकी Donald Trump Tariff Remarks को गैर-जिम्मेदार और भड़काऊ करार दिया है।
भारत-अमेरिका संबंधों में यह बयान एक नया तनाव ला सकता है, और कूटनीतिक संवाद की जरूरत को रेखांकित करता है।
Donald Trump Tariff Remarks के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जवाब की प्रतीक्षा की जा रही है।
भारत की विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि वह Donald Trump Tariff Remarks पर चुप क्यों है।
अगर सरकार इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहती, तो यह Donald Trump Tariff Remarks को स्वीकार करने जैसा माना जाएगा।
कई वरिष्ठ पत्रकारों ने भी कहा कि मनीष तिवारी का बयान भारतीय अस्मिता की रक्षा के लिए जरूरी और उचित है।
Donald Trump Tariff Remarks को सिर्फ ट्रंप की राय नहीं, बल्कि अमेरिका की रणनीतिक सोच के रूप में भी देखा जा रहा है।

आने वाले समय में भारत को ऐसी Donald Trump Tariff Remarks से निपटने के लिए नीतिगत रणनीति बनानी होगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति बनते हैं तो Donald Trump Tariff Remarks जैसी स्थिति बार-बार आ सकती है।
भारत को अब न केवल आर्थिक रूप से, बल्कि रणनीतिक रूप से भी Donald Trump Tariff Remarks का जवाब देना होगा।
कांग्रेस नेताओं का मानना है कि सरकार को अब दो टूक जवाब देकर ट्रंप को Donald Trump Tariff Remarks पर रोक लगानी चाहिए।

अगर ऐसा नहीं हुआ, तो भारत की साख पर असर पड़ेगा और दुनिया में Donald Trump Tariff Remarks को गंभीरता से लिया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र में भी Donald Trump Tariff Remarks जैसे बयानों पर भारत को उचित मंच से प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
भारतीय इतिहास की याद दिलाकर मनीष तिवारी ने ट्रंप के Donald Trump Tariff Remarks का तीखा जवाब दिया है।
लोगों ने कहा कि मनीष तिवारी ने वो बात कह दी जो आम भारतीय सोचता है Donald Trump Tariff Remarks को सुनकर।
Donald Trump Tariff Remarks को लेकर अब देखना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्या रुख अपनाते हैं और क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

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Vipin Sharma

विपिन शर्मा डिजिटल न्यूज तक के आधिकारिक समाचार लेखक हैं, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर सटीक और समय पर अपडेट प्रदान करने के लिए जाने जाते हैं। वे अपने दर्शकों को नवीनतम घटनाओं से जोड़े रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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