मुंबई: गणेशोत्सव 2025 का आगाज होने ही वाला है और भक्तों की उत्सुकता अब चरम पर है। रविवार को Lalbaugcha Raja 2025 First Look सामने आया, जिसने भक्तों का दिल जीत लिया। इस बार लालबागचा राजा तिरुपति बालाजी की थीम में सजे हैं और उनका स्वरूप बेहद दिव्य नजर आ रहा है।
Ganesh Chaturthi 2025: बप्पा की पहली झलक

Ganesh Chaturthi 2025 में इस बार लालबागचा राजा का पहला स्वरूप भक्तों के सामने आ चुका है। दरअसल, इस भव्य आयोजन की जिम्मेदारी हर साल की तरह लालबागचा राजा सर्वजनम मंडल ने संभाली है। इसी कारण, जैसे ही भक्तों ने बप्पा के दर्शन किए, पूरा माहौल उत्साह और भक्ति से भर गया।
Lalbaugcha Raja 2025 का भव्य स्वरूप
इस साल बप्पा का स्वरूप खास तौर पर मनमोहक है।
- हाथ में चक्र सजाया गया है।
- सिर पर आकर्षक मुकुट है।
- मैरून रंग की धोती ने प्रतिमा को और भव्य बना दिया है।
दरअसल, इस दिव्य रूप ने भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया है।
बप्पा का दिव्य स्वरूप
इस साल बप्पा का रूप बेहद खास है।
- भगवान गणेश के हाथ में चक्र है।
- सिर पर आकर्षक मुकुट सजाया गया है।
- मैरून रंग की पारंपरिक धोती ने उनकी शोभा को और बढ़ा दिया है।
यह दिव्य और राजसी स्वरूप देखकर भक्त मंत्रमुग्ध हो रहे हैं। पिछले आठ दशकों से कांबली परिवार इस भव्य प्रतिमा का निर्माण कर रहा है, जो हर साल नई थीम और नए लुक के साथ भक्तों के सामने प्रस्तुत होती है।
1934 से चली आ रही परंपरा
“1934 से चली आ रही यह परंपरा आज भी पूरे भव्य रूप में निभाई जा रही है। गणेशोत्सव 2025 का शुभारंभ 27 अगस्त से होगा और 6 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान, पुतलाबाई चाल स्थित लालबागचा राजा का आयोजन हमेशा की तरह सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल द्वारा किया जाएगा।”
Tirupati Balaji Theme से सजा मंडप
मंडल अध्यक्ष बालासाहेब कांबले ने बताया कि इस बार मंडप को Tirupati Balaji Theme पर सजाया गया है। यह थीम किसी स्वर्ण महल जैसी दिखाई देती है। इसलिए, भक्तों को यहां तिरुपति जैसा दिव्य अनुभव मिल रहा है।
Ganesh Chaturthi 2025 का उत्सव
Lalbaugcha Raja 2025 केवल एक प्रतिमा नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक है। अनंत चतुर्दशी तक भक्त बप्पा के दर्शन कर सकेंगे। उसके बाद प्रतिमा का भव्य विसर्जन गिरगांव चौपाटी पर होगा।
निष्कर्ष
Ganesh Chaturthi 2025 के अवसर पर Lalbaugcha Raja 2025 की पहली झलक ने भक्तों के दिलों को छू लिया है। बप्पा का यह दिव्य और राजसी स्वरूप न सिर्फ मनमोहक है, बल्कि तिरुपति बालाजी थीम ने इसे और भी खास बना दिया है। अब भक्त बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं उन 11 दिनों का, जब वे बप्पा के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बना सकें।