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सहारनपुर पुलिस का बड़ा कदम: बिना हेलमेट अब नहीं मिलेगा पेट्रोल

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सड़क सुरक्षा के लिए शुरू हुआ “No Helmet, No Fuel” अभियान


सहारनपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए “No Helmet, No Fuel” अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत बिना हेलमेट के पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं मिलेगा। पुलिस ने पेट्रोल पंपों पर जाकर लोगों को जागरूक किया और बताया कि हेलमेट सिर्फ कानूनी नियम नहीं बल्कि जीवन रक्षा का जरिया है। सहारनपुर पुलिस की यह पहल सड़क हादसों में कमी लाने और लोगों को सुरक्षित यातायात का संदेश देने के उद्देश्य से की गई है।


सहारनपुर पुलिस का सख्त संदेश: “हेलमेट पहनो, पेट्रोल भरो”

सहारनपुर। जिले की सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सहारनपुर पुलिस ने सोमवार से पूरे जनपद में “No Helmet, No Fuel अभियान” शुरू कर दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर और पुलिस अधीक्षक यातायात के नेतृत्व में पुलिस की कई टीमें पेट्रोल पंपों पर पहुंचीं और वाहन चालकों को समझाया कि अब बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा।


सड़क सुरक्षा क्यों है ज़रूरी?

भारत में हर साल लाखों लोग सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण होता है यातायात नियमों की अनदेखी।

दोपहिया वाहन सवारों की मौतों में अधिकतर मामलों में हेलमेट न पहनने की वजह सामने आती है।

एक छोटे से लापरवाह कदम से पूरे परिवार की जिंदगी बदल सकती है।

हेलमेट सिर्फ कानूनी मजबूरी नहीं बल्कि जीवन रक्षा का सबसे बड़ा साधन है।


पुलिस का मकसद: जागरूकता और सुरक्षा

इस अभियान के दौरान सहारनपुर पुलिस ने साफ कहा कि यह कदम किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने और सड़क हादसों में कमी लाने के लिए उठाया गया है।

हेलमेट पहनना सभी दोपहिया चालकों के लिए अनिवार्य है।

पुलिस ने पंप मालिकों से भी सहयोग की अपील की ताकि यह नियम प्रभावी रूप से लागू हो सके।

उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाना है।


पुलिस की जनता से अपील

सहारनपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—

  1. नशीले पदार्थ या शराब पीकर वाहन न चलाएँ।
  2. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें।
  3. तेज गति से वाहन चलाने से बचें और हमेशा निर्धारित लेन का पालन करें।
  4. दोपहिया वाहन पर हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
  5. किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में तुरंत 108 और 112 नंबर पर संपर्क करें।

जनता की प्रतिक्रिया

अभियान के पहले ही दिन कई जगह लोगों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया। कई युवाओं ने कहा कि यह कदम उन्हें अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए प्रेरित करेगा। वहीं कुछ लोगों ने इसे सख्ती बताया, लेकिन ज्यादातर लोग मानते हैं कि यह सड़क सुरक्षा की दिशा में सही कदम है।


हेलमेट क्यों है जीवनरक्षक?

हेलमेट सिर को चोट से बचाता है।

सड़क हादसे में सबसे ज्यादा खतरा सिर और मस्तिष्क को होता है।

हेलमेट से गंभीर चोट लगने की संभावना 70% तक कम हो जाती है।

WHO और सड़क परिवहन मंत्रालय दोनों ने इसे जीवनरक्षक बताया है।


सड़क हादसों के आंकड़े चौंकाने वाले

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार:

भारत में हर साल लगभग 1.5 लाख लोगों की मौत सड़क हादसों में होती है।

इनमें से करीब 40% हादसे दोपहिया वाहन चालकों से जुड़े होते हैं।

हेलमेट न पहनने से ही हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं।

इसीलिए सहारनपुर पुलिस का यह कदम समय की जरूरत है।


निष्कर्ष

सहारनपुर पुलिस का “No Helmet, No Fuel अभियान” न केवल एक नियम लागू करने की कोशिश है बल्कि यह जीवन बचाने का अभियान है। यह संदेश हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए कि हेलमेट सिर्फ चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि परिवार और खुद की सुरक्षा के लिए जरूरी है।


Disclaimer

यह समाचार सार्वजनिक हित में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रकाशित किया गया है। DigitalNewsTak यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह देता है। किसी भी स्थिति में आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है।

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Prashant srivastava

प्रशांत श्रीवास्तव Digital News Tak के संस्थापक हैं। यह एक भरोसेमंद हिंदी समाचार प्लेटफॉर्म है, जहाँ पाठकों को देश-दुनिया की ताज़ा घटनाएं, मनोरंजन समाचार और ताज़ा खबरें हिंदी में सबसे पहले और सटीक रूप से मिलती हैं। Digital News Tak आज लाखों लोगों की पसंदीदा जगह है भरोसेमंद हिंदी समाचारों के लिए।

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