युद्ध का 1,244वां दिन: शांति की पेशकश के बावजूद रूस ने फिर दोहराई अपनी ‘स्पष्ट मांगें’
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) द्वारा रूस को दी गई 50 दिनों की चेतावनी के बावजूद, क्रेमलिन ने स्पष्ट किया है कि वह अपने युद्ध उद्देश्यों से पीछे नहीं हटेगा।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव (Dmitry Peskov) ने राज्य टीवी को दिए गए इंटरव्यू में कहा, “हमारे लक्ष्य स्पष्ट हैं। मुख्य बात यह है कि हम अपने लक्ष्यों को हासिल करें।”
रूस की मांगें क्या हैं?
रूस ने एक बार फिर वही मांगें दोहराई हैं जिन्हें यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी पहले ही खारिज कर चुके हैं। इनमें प्रमुख रूप से दो शर्तें शामिल हैं:
यूक्रेन को उन क्षेत्रों से पीछे हटना होगा जिन्हें रूस ने कब्ज़ा कर लिया है।
यूक्रेन को नाटो (NATO) सदस्यता की अपनी योजना छोड़नी होगी।
फोकस कीवर्ड: रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War)
ट्रंप की 50 दिन की डेडलाइन और ‘सीवियर टैक्स’ की धमकी
डोनाल्ड ट्रंप, जो कि फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति पद के प्रमुख दावेदार हैं, ने हाल ही में रूस को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि 50 दिनों के भीतर कोई शांति समझौता नहीं होता है तो रूस को “सीवियर टैरिफ़्स” (Severe Tariffs) का सामना करना होगा।
ट्रंप ने साथ ही यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति के लिए एक तेज़तर्रार रणनीति की भी घोषणा की है। उनके अनुसार, अब यूक्रेन को अमेरिका से हथियारों की डिलीवरी तेज़ी से होगी ताकि रूस पर दबाव बढ़ाया जा सके।
शांति वार्ता की पहल: यूक्रेन चाहता है नई बातचीत
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने शनिवार को घोषणा की कि वे एक नई शांति वार्ता की पेशकश कर रहे हैं। यह बातचीत संभावित रूप से इस्तांबुल में हो सकती है, हालांकि अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है।
रूस की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन राज्य मीडिया के अनुसार, इस्तांबुल एक संभावित स्थल हो सकता है।
युद्ध मैदान से अपडेट: यूक्रेन और रूस दोनों पर ड्रोन हमले तेज
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) का सबसे बड़ा चेहरा बन चुका है — ड्रोन वार। रविवार को यूक्रेन के कई शहरों में रूस की ओर से ड्रोन हमले किए गए जिनमें कई नागरिक घायल हुए।
ज़ापोरीझिया पर हमला
यूक्रेन के दक्षिणी ज़ापोरीझिया (Zaporizhzhia) क्षेत्र में एक ड्रोन ने एक घर को निशाना बनाया, जिसमें दो महिलाएं घायल हो गईं।
खारकीव और सूमी में तबाही
उत्तर-पूर्वी खारकीव (Kharkiv) क्षेत्र में भी एक ड्रोन ने आवासीय इमारत को टारगेट किया जिससे दो नागरिक घायल हो गए।
सूमी (Sumy) शहर के केंद्र में एक हरे-भरे चौराहे पर ड्रोन हमले में एक महिला और उसका सात साल का बेटा घायल हुए। साथ ही, एक पावर लाइन क्षतिग्रस्त हो गई जिससे 100 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई।
यूक्रेन का जवाब: रूस के 57 में से 18 ड्रोन ढेर
यूक्रेन की एयरफोर्स ने दावा किया कि उन्होंने रूस द्वारा छोड़े गए 57 में से 18 शहीद (Shahed) प्रकार के और डिकॉय ड्रोन को मार गिराया है। 7 ड्रोन रडार से गायब हो गए।
रूस का दावा: मास्को की ओर बढ़े 93 यूक्रेनी ड्रोन
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने रातभर यूक्रेन के 93 ड्रोन मार गिराए, जिनमें से 15 ड्रोन मास्को की ओर बढ़ रहे थे।
मास्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने पुष्टि की कि ज़ेलेनोग्राद (Zelenograd) में एक ड्रोन ने एक अपार्टमेंट को नुकसान पहुँचाया, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ।
EU के 18वें प्रतिबंधों पर रोसनेफ्त का विरोध
इस बीच, रूस की सबसे बड़ी तेल कंपनी Rosneft ने यूरोपीय संघ (EU) द्वारा भारत की Nayara Energy पर लगाए गए प्रतिबंधों को “अनुचित और अवैध” बताया।
Rosneft ने कहा कि वह Nayara में 50% से भी कम हिस्सेदारी रखती है और EU का तर्क “बिलकुल आधारहीन और संदर्भ से परे” है।
EU की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास (Kaja Kallas) ने कहा, “हम प्रतिबंधों की कीमतें बढ़ाते रहेंगे, ताकि मॉस्को के पास आक्रमण रोकना ही एकमात्र रास्ता बचे।”
क्या यह युद्ध थमेगा? दुनिया की निगाहें अगली बातचीत पर
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) में जहां एक ओर ड्रोन हमलों की रफ्तार तेज हो रही है, वहीं शांति की उम्मीदें भी पनप रही हैं। लेकिन रूस की सख्त शर्तों और ट्रंप की चेतावनी के बीच हालात बेहद नाजुक हो गए हैं।
अब देखना यह है कि क्या इस्तांबुल में संभावित बातचीत कोई ठोस नतीजा लाती है, या फिर युद्ध की आग और भड़कती है।
निष्कर्ष: युद्ध नहीं, समाधान चाहिए
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) ने न केवल दोनों देशों की आंतरिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और ऊर्जा नीति को झकझोर कर रख दिया है।
शांति ही एकमात्र रास्ता है, लेकिन जब तक दोनों पक्ष अपने-अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटते, तब तक यह रास्ता बहुत कठिन है।
Disclaimer:
इस लेख में दी गई जानकारी विभिन्न समाचार एजेंसियों, आधिकारिक वक्तव्यों और सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। Digital News Tak समाचार की प्रामाणिकता को सुनिश्चित करने का प्रयास करता है, लेकिन किसी भी जानकारी की सटीकता, समयबद्धता या पूर्णता की गारंटी नहीं देता। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी निर्णय से पहले संबंधित आधिकारिक स्रोत से पुष्टि अवश्य करें। इस लेख का उद्देश्य केवल सूचना प्रदान करना है, न कि किसी भी पक्ष विशेष का समर्थन या विरोध करना।
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